बाहरा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्तर की फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन

फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन 19 से 25 मार्च 2026 तक मदन मोहन मालवीय मिशन, यूजीसी के तत्वावधान में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देशभर से 200 से अधिक प्रतिभागियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविदों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एवं वैश्विक शैक्षणिक संवाद का सशक्त मंच बन गया है। यह एफडीपी प्रो. राजेश कुमार दुबे, निदेशक, यूजीसी-एमएम टीटीसी (HRDC) के मार्गदर्शन में तथा डॉ. विकेश कश्यप, एफडीपी प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, बाहरा विश्वविद्यालय के कुशल समन्वय में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में हॉवर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका) के सेंटर फॉर ग्लोबल बिजनेस स्टडीज़ के निदेशक डॉ. नरेंद्र के. रुस्तागी ने “Al and Quality of Education: Challenges and Opportunities” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। वहीं, प्रो. कौमुदी सक्सेना ने “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं ICT” पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. के. धवे ने “Application of Al in Research, Data Analysis & Statistics” विषय पर अपने विचार रखे। इसके अतिरिक्त देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने भी अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। इसी क्रम में प्रो. वी. पी. एस. अरोड़ा, प्रो. संजीव कुमार शर्मा, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. रंगैया, प्रो. चंदर मोहन गुप्ता, डॉ. हरसिमरन कौर, डॉ. सोनी सिंह, प्रो. सुभाष मिधा, डॉ. अनिल मेहता, श्री सुषांत वी. पाई, डॉ. एरामला डी. दयाल, प्रो. चंद्रवादन गोरितियल तथा प्रो. (डॉ.) संगीता एन. पवार सहित अनेक विद्वानों ने एआई, शोध, शिक्षा गुणवत्ता एवं नवाचार से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए। इस एफडीपी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, अकादमिक नेतृत्व, नैतिक एआई, स्थिरता तथा बहुविषयक शिक्षा जैसे समकालीन विषयों को व्यापक रूप से शामिल किया गया, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप हैं। बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. के. धवे ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। वहीं, रेयात बाहरा समूह के चेयरमैन सरदार गुरविंदर सिंह बाहरा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों को भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह एफडीपी बाहरा विश्वविद्यालय की उस दूरदर्शी सोच को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत वह उच्च शिक्षा में नवाचार, गुणवत्ता और वैश्विक सहयोग का केंद्र बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
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