बाहरा यूनिवर्सिटी की रागिनी ठाकुर ने जेआरएफ पास कर रचा इतिहास
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- sahil
- January 6, 2026
- Achievement

स्टाफ रिपोर्टर- सोलन
हौंसले बुलंद हों तो शारीरिक बाधाएं भी किसी व्यक्ति की सफलताओं को रोक नहीं सकती हैं । कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। बाहरा यूनिवर्सिटी की छात्रा रागिनी ठाकुर ने। बाहरा यूनिवर्सिटी में फॉरेंसिक साइंस की छात्रा रागिनी ठाकुर ने फॉरेंसिक साइंस विषय में नेट-जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फैलोशिप) परीक्षा उत्तीर्ण कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मूलत: मनाली के समीणाल्टा गांव निवासी रागिनी दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी कैटेगिरी) से है और ऐसे में उनकी यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी
है । रागिनी ने बाहरा यूनिवर्सिटी से फॉरेंसिक साइंस में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की । उसका सपना था कि वह नेट – जेआरएफ की परीक्षा को उत्तीर्ण कर और इसी क्षेत्र में अपना करियर आगे बढ़ाए। उसकी मेहनत रंग लाई और यह परीक्षा उसने उत्तीर्ण कर अन्य छात्रों के लिए मिसाल कायम की। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बाहरा यूनिवर्सिटी के चांसलर गुरविंदर
सिंह बाहरा ने रागिनी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा रागिनी जैसी होनहार छात्रा विश्वविद्यालय की शान हैं। फॉरेंसिक साइंस विभागाध्यक्ष डा. टीना शर्मा ने रागिनी को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि विभाग और विश्वविद्यालय, दोनों के लिए गर्व की बात है। रागिनी की यह सफलता यह साबित करती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो कोई भी बाधा रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती । रागिनी आज उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं, विशेष रूप से दिव्यांग श्रेणी के छात्रों के लिए, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को सच कर सकते हैं।
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